क्यों आधा मन बनाने वाले क्या कभी सफल नही होते है ?

motivational quotes in hindi

क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते है जो उकडू बैठने की स्थति में नष्ट हो गया हो ?

क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते है जो "जैसे ही बच्चे स्कूल से बाहर से आ जाये या बच्चे स्कूल में वापस चले जाये तो वह कुछ करने वाला है ?


 शायद वे यह काम करेंगे,"बस जरा सर्दी का मौसम आ जाये या सर्दी का मौसम ख़त्म हो जाये" | दुसरे बहानो की लम्बी कतार है जैसे "बस,दिवाली आजाये या दिवाली के बाद,फलाना कार ठीक करा ले,घर पेंट करा ले,घास काट ले आदि |"

 संक्षेप में, ऐसे व्यक्ति जो किसी "आंतरिक" कार्य को करने से पहले "बाहरी" परिवर्तनों के पूरा हो जाने की सूचि बनाते है वे बस उकडू स्थति में बैठे रह जाते है क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते है जिसने कुछ वजन कम करने के लिए, स्कूल में वापिस जाने के लिए, कोई पब्लिक कोर्स करने के लिए, लॉन को सजाने के लिए, मंदिर या समुदाय के कार्यो में सक्रीय होने के लिए "आधा मन" बना लिया हो ?

दुर्भाग्यवश 'आधा मन बनाने वाले' और 'बस शुरू करने वाले' दोनों तरह के लोग जो किसी काम को करने से पहले हर चीज के "बिलकुल ठीक" हो जाने का इन्तेजार करते है, उस काम को कभी नही कर पाएंगे |

जो लोग अपने घर से निकलने से पहले रास्ते की सभी ट्राफिक लाइटो के हरे हो जाने की प्रतीक्षा करते है, वे घर से कभी नही निकल पाएंगे | वे "आधा-मन बनाने वाले" और "बस, शुरू करने वाले" है और,जैसा मैंने कहा वे उकडू स्थति में बैठे रह जाते है |

इस बात की बहुत संभावना है की कभी आपने किसी से कहा हो की बस,'जैसे ही आपको उसके लिए समय मिलेगा' आप फला काम करने वाले है,उन्नति या विकाश का कोई कोर्स शुरू करने वाले है या और बहुत सी चीजे शुरू करने वाले हो "|

क्युकी में बहुत से ऐसे लोगो से मिलता हूँ जो इस स्थति में ठीक बैठते है और क्युकी में नही चाहता की आप भी "उस उकडू स्थति में ही न बैठा रह जाये" इसलिए जो कार्य करने की आपके दिलो दिमाग में है उसको करना चालू कीजिये उसमे निरंतरता बनाये रखे | क्युकी कोई भी अच्छा काम करने के लिए अच्छे वक़्त का इंतजार मत कीजिये बस लग जाइये |



Post a Comment

0 Comments