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कश्मीर के उरी में हुए आतंकवादी हमले में जब हमारे 18 सैनिक शहीद हुए तब
पुरे देश में गुस्सा था आक्रोश था की सरकार क्यों कुछ नही कर रही ! सोशल
मीडिया पर ट्रेंड होने लगे की क्यों पाकिस्तान को हम मुंह तोड़ जवाब नही
देते तो कुछ लोग पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने की भी बात करने लगे लेकिन
क्या हमारा देश युद्ध के लिए तैयार है इसी मुद्दे पर अजीत सिंह का शानदार लेख जरुर पढ़िए और अपने विचार कमेंट बॉक्स में अवश्य दे !!
सर्वप्रथम कल कश्मीर में शहीद हुए जवानों को भावभीनी श्रद्धाजंली...देश पर शहीद होने वाले हमेशा से सरआँखो पर...
हमला सुबह 3 से 4 बजे के लगभग हुआ, डैमेज ज्यादा भी हो सकता था क्योंकि उस समय लगभग सभी लोग सोये होते हैं..बात को समझने और...Action का Reaction देने में समय लग जाता है...पर फिर भी जल्द ही हमारी सेना और Commandos ने स्थिति को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया...
हमला सुबह 3 से 4 बजे के लगभग हुआ, डैमेज ज्यादा भी हो सकता था क्योंकि उस समय लगभग सभी लोग सोये होते हैं..बात को समझने और...Action का Reaction देने में समय लग जाता है...पर फिर भी जल्द ही हमारी सेना और Commandos ने स्थिति को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया...
कल से ही हर तरफ चीख-पुकार मची है...हर तरफ पुछा जा रहा है, कहाँ है वो 56इंच की छाती??
कहाँ है वो एक के बदले 10 सर लाने वाला जूनून??
क्या हुआ उन आँख उठाने वाले की आँखे नोच लेने वाली बातों का??
हम तब भी मरते थे हम अब भी मर रहे हैं... जैसी तमाम बातों का रूदन चल रहा है...तमाम मोदीविरोधी छाती कूट कूटकर बिन मौसम मोहर्रम मना रहे है...
हद तो ये है जिसके कान में ये अफवाह लग जाये कि पड़ोसी के यहाँ सांप निकला है तो वो इस डर के मारे अपने घर के खिड़की बंद कर लेते हैं कि कहीं वो सांप हमारे घर में ना घुस आये...वो लोग भी विदेश नीति पर ज्ञान देते हुए खुद को रक्षा विशेषज्ञ मान रहे है...
हर तरफ यही बात चल रही है कि अब तो महाभारत हो ही जाये...एकदम आर-पार की लड़ाई...पाकिस्तान को रातोंरात दुनिया के नक्शे से मिटा दिया जाये...
मेरे मासूम+अतिउत्साही मित्रों...तनिक थोडा ध्यान इधर भी दियो...पंचवर्षीय योजना तो आप लोग जानते ही होंगे, अरे वही जिसमें देश के अगले 5 साल की तरक्की, विकास, योजनाएं, नीतियां आदि निर्धारित की जाती है...
1956 से1961...द्वितीय पंचवर्षीय योजना Second Five Year Plan...हमारी Target Growth Rate- 4.5%.....Actual Growth Rate- 4.27%....Plan was very much successful...
अब 1961 से 1966...Third Five Year Plan...Target Growth Rate- 5.60%....Actual Growth Rate- 2.84%...Plan was a serious flop...Why????
The reason is India-China war 1962 and India-Pakistan war 1965...दोनों लड़ाइयों के बाद देश की हालत ये थी कि फिर तीन साल 1966-1969 तक हमारे पास इतना भी पैसा नही था कि हम 4th प्लान भी बना सकें...इसलिए इस Period लो Plan Holidays भी कहा जाता है...फिर हमनें जैसे तैसे खुद का विश्व पटल पर खड़ा किया...4th प्लान बनाया...1969 से 1974 तक के लिए...Target Growth Rate- 5.70%....Actual Growth Rate-3.30%...Again Plan was super flop...Reason was India-Pakistan war 1971....अभी हम 12वी पंचवर्षीय योजना में चल रहे है..2012 से 2017...हमे लड़ाइयाँ लड़े हुए 45 साल से ज्यादा हो गया...और अभी इस योजना में भी हमारी Target Growth Rate-8% ही है....मतलब 45% साल पहले हम लगभग 6% विकास दर मान कर चल रहे थे...और उन दो युद्धों की वजह से देश लगभग 40 साल पीछे चला गया...
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चलो आप लोगों की मानकर मोदी जी पाकिस्तान पर हमला कर भी देते हैं...तो ये कोई आपके मोहल्ले की घर के सामने कचरा फेंकने के ऊपर हुई लड़ाई तो है नही कि जब तक मुँह न दुखे तब तक गाली दे ली और मुँह दुखने लगा तो हो गयी लड़ाई बंद...
पाकिस्तान खुद परमाणु सम्पन्न देश है...बदले में भी वो भी हमपर हमला करेगा...उनका नुकसान वो जाने पर हमारा क्या???
दाल 400₹, आटा 100₹, शक्कर 200₹ किलो खरीदकर खा लोगे ना???
पेट्रोल 70₹लीटर डलवाने में तो पिछवाड़े से धुआं निकल आता है.....जब 400₹ लीटर मिलेगा तब आंसू तो नही निकलेंगे ना???
हजारों लोग बेरोजगार हो जायेंगे तब मोदी को तो नही कोसोगे ना???
और अमेरिका, चीन, रूस तो चाहते ही हैं कि हम ऐसे किसी चूतियापे में फंसे और फिर अगले 40 साल के लिये विश्व पटल से गायब हो जायें...
बड़ी मुश्किल से तो देश विकास की पटरी पर वापस आया है...कोई उम्मीद की छोटी सी किरण नजर आ रही है...अभी युद्ध मतलब देश फिर 40 साल पीछे...और कुछ् काम नही होंगे तो आप लोग ही 2019 में ठपली बजाओगे कि ई साला मोदिया एक नंबर का फेंकू है...बोलता था....ये कर दूँगा...वो कर दूँगा...और ई देखो...खाने के लाले पड़ गये...भूखे मर रहे...भगाओ साले को...वापस कांग्रेस को लाओ...कम से कम 2₹ किलो गेंहू और 4₹ किलो चावल तो मिलेगा...
हाँ तो भईया अभी जरूरत है कि देश की नींव मजबूत की जाये...पहले उसे आर्थिक तौर पर सशक्त बनाया जाये...ना कि सीधे युद्ध लड़कर बंटाधार किया जाये...पाकिस्तान के दूसरे भी इलाज है..!!
और आखिर में हमारे देश के सैनिक भाइयो के लिए एक कविता.....
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| for our soldiers |
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