एक मौका तो दिया होता बिना कहे चली गयी

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HINDI LOVE STORY

अक्टूबर 2010

मैं अपन दोस्त रमेश के साथ उसके घर दुर्गा पूजा देखने गया| जैसा की आप सब जानते हैं बंगाल
का दुर्गा पूजा विश्व प्रसिद है| रमेश का गांव कोलकता से लगभग 120 की मी दुरी पर था | धान से
लधे खेत,हर दस कदम की दुरी पर तालाब,गेंदा फूलों की खेती मन को मोह रही थी| दिन भर खेतों का
सैर करने के बाद शाम को हमलोग पूजा घूमने गए उसके बाद दोस्त का ननिहाल गया जो उसके गांव
से महज 3 किमी की दुरी पर था| वहां मेरे दोस्त की मामी मुझसे नाम पूछी तो मैं अपना नाम बताया
उसके बाद वो कुछ नही पूछी कारण यह था की मुझे बंगला बोलना ठीक से आता नही था और उनको
हिंदी| मामी के बेटियां जो स्कूल में पढ़ने के कारण हिंदी जानती थी वो मुझसे बात करने लगी, 4-5
दिन वहाँ रहने के बाद मैं वापस आ गया|

वक़्त को बीतते देर नही लगती|

मार्च 2013 में होली के समय एक बार फिर मैं रमेश के गाँव गया| वहाँ की कच्ची सड़के अब पक्की
हो गयी थी बच्चे भी भी अब धीरे धीरे बड़े होने लगे| रमेश के घर होली खेलने के बाद मैं और रमेश
ननिहाल गया| वहाँ हमलोग खूब मस्ती किया| अब मैं सबसे खुल गया था और टुटा फूटा बंगला भी
बोलने लगा था| मामा के बेटे-बेटियाँ बड़े चाव से मेरा बोली सुनते थे| मेरा बंगला सुनकर उनलोगो को
मुख से हँसी फुट जाती क्योंकि मैं ऐसा टुटा फूटा बोलता था|

होली के बाद मैं कोलकाता वापस आ गया| अब मैं रमेश के घर के हर त्यौहारो में उसके घर जाने
लगा| और बच्चों का पसंदीदा बन गया था मैं|

धीरे धीरे समय बीतता गया...

जून 2015 रमेश के भाई का शादी था मेरा बुलाबा आया मैं उसके घर पहुँचा|

बच्चे मुझे देखकर फुला नही समा रहे थे मैं भी खुश हुआ| सबसे बात करने लगा मामा की एक बेटी
सपना जो महज़ 13-14 साल की होगी वो मुझसे खूब बात करने लगी| शादी का प्रोग्राम ख़त्म होने के
बाद मैं वापस आ गया |

करीब एक महीने का बाद मेरे मोबाइल पर एक नया नंबर से कॉल आया मैं फोन उठाया और बोला

कौन?

सपना बोल रही हूँ मैं-दूसरी तरफ से आवाज आयी|

मैं झट से पहचान गया सपना रमेश के मामा की बेटी है|

उसके बाद बहुत देर तक बात हुआ|

उसके बाद ये रोज का कार्यक्रम हो गया वो मुझे रोज फोन करने लगी मेरी पसंद, नापसंद इत्यादि के

बारे में पूछती|

कुछ दिन के बाद वो फेसबुक के जुड़ी और मेरा सारा फ़ोटो वहाँ से डाउनलोड करके अपने मोबाइल में रख ली|
वक़्त बीतता गया मेरा उससे बात होता रहा मैं सोचता था बच्ची है उसको मुझसे बात करने में अच्छा
लगता है इसलिए रोज फोन करती है|

जबकि दूसरी ओर दिल में प्यार जगने लगा था| मुझमे उसको सबकुछ नजर आने लगा था | और मैं
इस बात से बिलकुल अंजान था|
एक दिन वो मुझे बोली आपका फ़ोटो मैं मम्मी को दिखाया और मम्मी बोली मुझे ये लड़का बहुत
पसंद है|

मैं अवाक रह गया फिर मैं सोचा मज़ाक कर रही है| वक़्त बीतता गया....

उसके दिल में प्यार हिलोर मार रहा था और वो गुमनाम सी हो गयी थी बात तो करती थी लेकिन
प्यार का इजहार नही करती|

फरबरी 2016


मेरी शादी तय हो गयी थी| बस तारीख तय होना बाकी था| एक दिन मैं सपना से बात करते-करते
बोल दिया मेरी शादी होने वाली है|
आप मज़ाक कर रहे हैं-सपना बोली
मैं बोला सच में मेरी शादी होने वाली है|
मेरी कसम खाइये-सपना बोली
तुम्हारी कसम
इतना कहते ही वो फोन रख दी|
करीब एक घंटा के बाद फिर फोन आया वो रो रही थी|
मैं पूछा क्या हुआ??
वो बोली सब कुछ ख़त्म हो गया जिंदगी में फस्ट टाइम किसी से प्यार किया वो भी पूरा नही हो सका
पता है, मुझे उस लड़के में सब कुछ दिखने लगा था यहाँ तक की मैं उसके पति भी मन चुकी थी| मैं
उसका फ़ोटो मम्मी को दिखाई और मम्मी को बोली मम्मी ये लड़का मुझे बहुत पसंद है शादी करुँगी
तो इसी लड़के से| मम्मी भी बोली ठीक है बड़ी हो जा उसके बाद उसी के करवा देंगे शादी| लेकिन अब
सब कुछ खत्म हो गया, कुछ नहीं बचा मेरे पास|
मैं बोला उस लड़के ने क्या बोला तुम उसका नंबर दो बात करता हूँ|
वो बोली कुछ नही हो सकता अब आप ठीक से रहना इतना कहकर वो फोन काट दी|
मेरे दिमाग में विचार आने लगा शायद वो मेरे बारे में तो नही बोल रही थी| अब मुझे सब कहानी
समझ में आने लगा अब मुझे पक्का यकीन हो गया की वो मेरे बारे में ही बोली थी मुझसे ही प्यार
की थी|

मैं हलात तो सम्भलने के लिए उसको फोन किया उसका मोबाइल बंद आ रहा था उस रात मैं कई बार
फोन करने का कोशिस करता रहा लेकिन नाकामयाब रहा|

अगला दिन दोपहर के करीब एक बजे रमेश का फ़ोन आया वो बोला यार सपना जो मेरे मामा की
बेटी थी ना वो नही रही|

मैं उछलकर बोला क्या...........?????

वो बोला आज स्कूल जाने के क्रम में उसका एक्सीडेंट हो गयी और वही पर उसकी मौत हो गयी|
मैं धम्म से बेड पर गिर पड़ा मेरे आँखों से आंसू निकल पड़े|
एक मैं था जो उसके प्यार को समझ नही सका और एक वो थी जो मेरे प्यार को अपने दिल में
समेटे,बिना इज़हार किये हमे छोड़कर चली गयी|
आज भी उसके बारे में सोचता हूँ तो मेरी रूह कांप जाती है|


ये कहानी गुलशन कुमार जी ने भेजी है ये समस्तीपुर बिहार से हूँ और पिछले 4 सालों से कोलकाता में रहते है |ये  कवि,लेखक है !दोस्तों आपको ये कहानी कैसे लगी अपने ये कमेंट बॉक्स में बता सकते है और अपने दोस्तों के साथ शेयर भी करे ! 

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2 Comments

  1. Anonymous17 July, 2016

    dil ko chhu gyi aapki kahani

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  2. Anonymous19 July, 2016

    Heart touching line...

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